KK Pathak IAS Biography in Hindi 2024 | केके पाठक आईएएस बायोग्राफी

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नमस्कार दोस्तों आज के आर्टिकल में हमलोग बात करेंगे बिहार के शिक्षा जगत को नई उड़ान देने वाले कलाम के बारे में, जी हां हम बात कर रहे है केशव कुमार पाठक यानि केके पाठक के बारे में इनका जन्म सोमवार, 15 जनवरी 1968 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री और अर्थशास्त्र में एम.फिल की पढ़ाई की है।

बता दें कि केके पाठक वही ऑफिसर हैं, जिन्हें वर्ष 2016 में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद, सख्ती से इसे राज्य में लागू कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस समय उन्हें मद्य निषेध विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया था।

Keshav Kumar Pathak IAS Age, Height, Wife, Biography 2023

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव केके पाठक का फरमान एक बार फिर जारी हुआ है। ये फरमान इस बार शिक्षकों को लेकर है। केके पाठक ने इससे संबंधित एक पत्र जिलाधिकारियों को भेज दिया है। जिसमें कहा गया है कि जातीय जनगणना का काम शिक्षक स्कूल टाइम के दौरान नहीं करेंगे।

KK Pathak IAS Biography in Hindi 2023

KK Pathak IAS Biography – Details

पूरा नामकेशव कुमार पाठक (Keshav Kumar Pathak)
जन्म तिथि15 जनवरी 1968
जन्म स्थानउत्तर प्रदेश, भारत
शिक्षाबेचलर ऑफ़ इकोनॉमिक्स एमफिल
ऊंचाईलगभग 5 फुट 6 इंच
पत्नी का नामज्ञात नहीं
महत्वपूर्ण भूमिकाएँबिहार में शराबबंदी, ब्रांच मैनेजर पर एफ आई आर दर्ज करना, पटना हाई कोर्ट के जुर्माने

केके पाठक (KK Pathak) का जन्म और शिक्षा

आईएएस अधिकारी के के पाठक का पूरा नाम केशव कुमार पाठक है। इनका जन्म 15 जनवरी सन 1968 को उत्तर प्रदेश भारत में हुआ था। इन्होंने अपने आरंभिक शिक्षा भी उत्तर प्रदेश से ही प्राप्त की। बचपन से ही पाठक जी की पढ़ाई में बहुत अधिक रूचि थी। वह हमेशा अपनी कक्षा में टॉप किया करते थे।

इन्होंने बेचलर ऑफ इकोनॉमिक्स एमफिल की डिग्री हासिल की है। इन्हें क्रिकेट खेलना भी बहुत अधिक पसंद है। बचपन से ही पढ़ाई में रुचि होने के कारण उन्होंने आईएएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने साल 1990 में यूपीएससी में सफलता हासिल की और आईएएस अधिकारी बन गए। इनकी ऊंचाई लगभग 5 फुट 6 इंच है।

आईएएस केके {केशव कुमार} पाठक का जीवन परिचय

Keshav Kumar Pathak जी शादी हो चुकी है लेकिन अभी उनकी पत्नी का नाम ज्ञात नहीं है। केशव कुमार पाठक जी बहुत ही कड़क मिजाज के आईएएस अधिकारी हैं जिनसे बड़े बड़े माफिया भी डरते हैं। यह अनेक बड़े-बड़े मामलों को काफी आसान तरीके से समझाने के लिए जाने जाते हैं और इन्हें जुनूनी ऑफिसर भी कहा जाता है।

माता-पिता और भाई-बहन

  • उनके पिता का नाम मेजर जी.एस. पाठक है, जो बिहार के लघु जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव थे।

वर्ष 1990 बैच के आईएएस हैं केके पाठक

अपने सख्त मिजाज के लिए जाने जाने वाले केके पाठक वर्ष 1990 बैच के आईएएस (IAS) हैं। केशव कुमार पाठक उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रहनेवाले हैं। वर्ष 2015 में जब महागठबंधन सरकार बिहार की सत्ता में आई थी तो ये दिल्ली (Delhi) में प्रतिनियुक्ति पर थे. उस समय इनकी वापसी बिहार में कराई गई।

बिहार सरकार के शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव केके पाठक का फरमान एक बार फिर जारी हुआ है। ये फरमान इस बार शिक्षकों को लेकर है। केके पाठक ने इससे संबंधित एक पत्र जिलाधिकारियों को भेज दिया है। जिसमें कहा गया है कि जातीय जनगणना का काम शिक्षक स्कूल टाइम के दौरान नहीं करेंगे।

KK Pathak उम्र, पत्नी, बच्चे, परिवार, जीवनी और बहुत कुछ

एक बार फिर से नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने पुराने ऑफिसर पर भरोसा जताया है और बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने की कमान सौंपी है. नीतीश सरकार ने केके पाठक (KK Pathak) को निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेद विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया है.

केके पाठक (KK Pathak), यानी बिहार (Bihar) का वो कड़क आईएएस अधिकारी (IAS Officer) जिसके नाम से ही अच्छे-अच्छे माफियाओं के पसीने निकल जाते हैं। एक बार फिर से नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने पुराने ऑफिसर पर भरोसा जताया है और बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने की कमान सौंपी है. नीतीश सरकार (Nitish Government) ने केके पाठक को निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेद विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया है।

Keshav Kumar Pathak IAS Wikipedia 2023

केके पाठक (Keshav Kumar Pathak) के निर्देश पर सभी जिलों के डीईओ को शिक्षा विभाग की ओर से पत्र भेजा गया है। कहा गया है कि निरीक्षण के क्रम में यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल हैं, जहां पर नामांकित बच्चों में से 50 प्रतिशत से भी कम स्कूल आते हैं।

निरीक्षण के बाद स्कूलों में उपस्थिति काफी सुधरी है। पर, विभाग का साफ कहना है कि 50 प्रतिशत से भी कम उपस्थिति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।

केके पाठक का नया फरमान

राज्य में एक जुलाई से हर दिन स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण में जाने वाले पदाधिकारी स्कूलों में शिक्षकों के साथ ही बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ले रहे हैं और इसकी रिपोर्ट अगले दिन विभाग को भेजी जा रही है।

इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। एक बात और सामने आई है कि बीईओ कार्यालय के पास स्थित स्कूलों में हाजिरी की स्थिति और खराब है। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक कन्हैया श्रीवास्तव ने कहा है कि 15 अगस्त के बाद उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम हुई तो संबंधित बीईओ का वेतन काट रोक दिया जाएगा।

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